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धरती के वचन

Kavita Sankalan

by Kanji Patel

Translated by Naresh Chandrakar

Hindi 123 pages 1 edition

DHARTI KE VACHAN : Kavita Sankalan (Selected Poems) by Kanji Patel About The Author कानजी पटेल कानजी पटेल गुजराती के वरिष्ठ कवि, उपन्यासकार, कहानीकार, सम्पादक, संस्कृतिकर्मी है जिनके पांच कविता संग्रह, तीन उपन्यास, एक कहानी संग्रह तथा आदिवासी साहित्य विमर्श का पुस्तक गुजरातीमें प्रकाशित है। मराठी, हिन्दी व अंग्रेजी में उनके उपन्यास, कवितासंचय प्रकाशित। आदिवासी, धूमन्तू समुदायों पर कविता, कहानियाँ, उपन्यास के लिए गुजराती के प्रसिद्ध कवि। इन्होंने कविता सामयिक पत्रिका ‘वही’ का सम्पादन तथा आदिवासी सांस्कृतिक मंच कलेश्वरी मेला की स्थापना की तथा गुजरात, दीव, दमण, दादरा एवं नगर हवेली की भाषाओं का सम्पादन भारतीय भाषा सर्वेक्षण के अन्तर्गत किया। समकालीन भारतीय आदिवासी कविता का मूल भाषा व हिन्दी, अँग्रेजी अनुवाद सहित सम्पादन किया है जो सेतु प्रकाशन से 2025 में प्रकाशित । नरेश चन्द्रकर नरेश चन्द्रकर हिन्दी के वरिष्ठ कवि, अनुवादक हैं जिनके चार कविता संग्रह, दो प्रतिनिधि चयनित कविता संकलन। वरिष्ठ गुजराती कवि कानजी पटेल की कविताओं का हिन्दी अनुवाद का पुस्तक, कवि पाब्लो नेरुदा के गद्य की एक पुस्तक और एडवर्ड सईद के जीवन और रचना संसार पर एक पुस्तक, इसके अतिरिक्त दो गद्य की पुस्तकें प्रकाशित। कविता के लिए 2008 में राष्ट्रीय सम्मान तथा 1996 में साहित्य अकादमी (गुजरात) सम्मान, डॉक्टर शिव कुमार मिश्र राष्ट्रीय सम्मान का पांच वर्ष तक प्रबन्धन ।

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This edition

Publisher Setu Prakashan
ISBN9789362014672
Pages123
FormatPaperback

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1 edition

Setu Prakashan Cover of धरती के वचन, Setu Prakashan edition
Setu Prakashan
Hindi · Paperback
—ISBN 9789362014672
123pages

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Titleधरती के वचन
LanguageHindi
Editions1
PublishersSetu Prakashan

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