वर्दी की परछाई में
by Shubhangi Singh, Rakesh Kumar Singh
Hindi 199 pages 1 edition
VARDI KI PARCHHANEE MEIN by Rakesh Kumar Singh & Shubhangi Singh About The Author राकेश कुमार सिंह कवि-उपन्यासकार राकेश कुमार सिंह ने फिक्शन और नॉन-फिक्शन की दस किताबें लिखी हैं, जिनकी विषय-वस्तु पुलिसिंग के तरीक़ों से लेकर नक्सलवाद तक फैली हुई है। वे हिन्दी और अँग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखते हैं। उनके उपन्यासों Colours of Red (2021), Lockdown Love (2022) और Affairs of Deception (2022) को खूब सराहना मिली है। उन्होंने विविध विषयों पर प्रमुख अखबारों और पत्रिकाओं में सौ से अधिक लेख भी लिखे हैं। 2011 में उनकी किताब ‘नक्सलवाद और पुलिस की भूमिका’ और 2021 में ‘नक्सलवाद: अनकहा सच’ के लिए उन्हें प्रतिष्ठित गोविन्द बल्लभ पन्त पुरस्कार मिला है। पुलिस की मनोवैज्ञानिक एवं व्यावसायिक पृष्ठभूमि पर आधारित उनकी पुस्तक Behind the uniform: Not just a cop (2023) काफ़ी चर्चित रही है। सम्प्रति, वह केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में पुलिस उप महानिरीक्षक पद पर कार्यरत हैं। सीआरपीएफ में अपनी तीस साल की सेवा में उन्हें सरकार द्वारा कई पदकों और प्रशस्ति-पत्रों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर में दन्तेवाड़ा जैसे क्षेत्रों के अलावा कश्मीर और उत्तर-पूर्व जैसे संघर्ष क्षेत्रों में सेवा की है। वह पुलिस अकादमियों में विशेषज्ञ के रूप में कार्य करते हैं। शुभांगी सिंह एक द्विभाषी लेखिका और थेरेपिस्ट हैं, जिनका रचनात्मक और नैदानिक कार्य उपचार, कहानी-कथन और सांस्कृतिक समझ के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्तमान में वे अमेरिका स्थित Avondale & Associates Psychological Services में थेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिक सहायक के रूप में कार्यरत हैं, जहाँ वे अपने शैक्षणिक प्रशिक्षण को एक समन्वित और व्यक्ति-केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ जोड़ती हैं। वे एएमयू, यूएसए से क्लिनिकल साइकोलॉजी में स्नातकोत्तर हैं। शुभांगी सिंह बेस्टसेलिंग सेल्फ-हेल्प पुस्तक ‘Behind the Uniform: Not Just a Cop’ की लेखिका हैं। एक कविता संग्रह ‘खिड़कियों के पार आकाश’ नाम से प्रकाशित । शुभांगी सिंह का लेखन भारत के विभिन्न शहरों में बिताये गये अनुभवों से प्रेरित है, जहाँ हर स्थान ने उन्हें भाषा, संस्कृति और मानवीय जुड़ाव को एक नये दृष्टिकोण से देखने का अवसर दिया। वर्तमान में वे अपने आगामी प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रही हैं, जिनमें आघात, प्रेम, पहचान और रूपान्तरण जैसे विषयों की गहन पड़ताल की जा रही है।
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