श्रीरामकृष्ण परमहंस
Hindi 384 pages 1 edition
Shriramakrishna Paramhansa Edited By Awadhesh Pradhan About The Author श्रीरामकृष्ण परमहंस (18 फरवरी 1836-16 अगस्त 1886) एक महान सन्त और भारत की आध्यात्मिक परम्परा के एक शिखर पुरुष थे। दुनिया उन्हें स्वामी विवेकानन्द के गुरु के रूप में भी जानती है। बचपन से ही उन्हें ईश्वर प्राप्ति की लौ लग गयी थी। उनकी यह व्याकुलता बढ़ती गयी और वह दिनोदिन ध्यान-साधना में अधिक प्रवृत्त होते गये। विवाह के बाद भी वह वैरागी और संन्यासी का ही जीवन जोते रहे। उन्हें विलक्षण आध्यात्मिक अनुभूतियाँ होने लगीं। जब तब वह समाधि की अवस्था में चले जाते। परमहंस इस मायने में अनूठे थे कि उन्होंने न सिर्फ भारत में चली आ रही भिन्न- भिन्न आध्यात्मिक साधना पद्धतियों को साधा बल्कि इस्लाम और ईसाई धर्म में बतायी गयी विधियों से भी आध्यात्मिक अभ्यास किया और इस नतीजे पर पहुँचे कि ये मार्ग भले अलग-अलग हों, एक ही अनुभव तक ले जाते हैं, अर्थात सबका परम सत्य एक है। सब धर्मों के मूल में एक ही सत्य का साक्षात्कार कर चुके श्रीरामकृष्ण परमहंस अपनी विचारदृष्टि में, सारे भेदभावों से परे, समस्त मानवता के पुजारी थे। आज जब धर्म को वास्तविक समझ का अकाल है, श्रीरामकृष्ण परमहंस की सिखावन का महत्त्व और बढ़ जाता है। अवधेश प्रधान 10 नवम्बर 1952 को गाजीपुर (उ.प्र.) के सुल्तानपुर गाँव में जन्म। लगभग 40 वर्षों तक अध्यापन। बीएचयू के हिन्दी विभाग में प्रोफेसर पद से जून 2020 में सेवानिवृत्त। कृतियाँ: हिन्दी साहित्य के इतिहास की समस्याएँ, साहित्य और समय, कीर्तिलता और विद्यापति का युग, परम्परा की पहचान, सुदामा पाण्डेय धूमिल, सीता की खोज। सम्पादन : काल्य और अर्थबोध, त्रिलोचन की दायरी, कविता का शुक्लपक्ष, नजरुल की हिन्दी कविताएँ, स्वामी विवेकानन्द संचयन, स्वामी सहजानन्द और किसान आन्दोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि, स्वामी सहजानन्द की आत्मकथा: मेरा जीवन संघर्ष, हिन्दी साहित्य ज्ञानकोश (सात खण्ड) अनुवाद: मेघदूत के गीत, मेरे गुरु स्वामी विवेकानन्द- जैसा उन्हें देखा (भगिनी निवेदिता)। सम्मान: भगवतशरण उपाध्याय सम्मान (2009), सावित्री त्रिपाठी स्मृति सम्मान (2013), कबीर विवेक सम्मान (2014), कल्याण मल लोढ़ा शिक्षा सम्मान (2022)
Get this book
As an Amazon Associate, Kitabi earns from qualifying purchases.
This edition
On your shelf?
1 edition
More by Awadhesh Pradhan
All works →Readers also shelved
Rated 5.0 out of 5
Buddha, His Life and Teachings
Bhagwan Rajneesh
संविधान, संघ और डॉ. अम्बेडकर
Ram Puniyani
संविधान, संघ और डॉ. अम्बेडकर
Ram Puniyani
दिल्ली दयार
Gyan Chand Bagdi
दिल्ली दयार
Gyan Chand Bagdi
भूख का व्याकरण
Herta Muller
भूख का व्याकरण
Herta Muller
Imroz
Kunal Hriday
Imroz
Kunal Hriday
सामने आते ही नहीं
Ramchandra Guha
सामने आते ही नहीं
Ramchandra Guha
The facts
Keep the shelf in your pocket
Kitabi is a personal library app — track what you own, log what you read, and lend a book to a friend without losing it. Free, offline-first, no ads.