पृथ्वी को चन्द्रमा
Hindi 152 pages 1 edition
PRITHVI KO CHANDRAMA (A Collection of Stories) by Anand Harshul About The Author आनंद हर्षुल आनंद हर्षुल (जन्म 23 जनवरी 1959) के यहाँ यथार्थ अनवरुद्ध गति में बहता स्वच्छन्द यथार्थ है। दरअसल यथार्थ की इस तरल उठान को एक क़िस्म की स्वैर वृत्ति निरन्तर यत्नपूर्वक साधे रखती है। इस प्रक्रिया में कथा-भाषा का विनियोग इस कौशल के साथ किया गया है कि कथा-संवेदना अपनी गतिशील चित्रात्मकता में अपना विन्यास प्राप्त करती है। उनके पाँच कहानी संग्रह-बैठे हुए हाथी के भीतर लड़का’, ‘पृथ्वी को चन्द्रमा’, ‘रेगिस्तान में झील’, ‘अधखाया फल’, ‘चिड़िया और मुस्कुराहट’ तथा तीन उपन्यास ‘चिड़िया बहनों का भाई’, ‘देखना’ एवं ‘रेतीला’ तथा एक सम्पादित पुस्तक, ‘अनगिन से निकलकर एक’ अब तक प्रकाशित हैं। उनकी रचनाओं का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हुआ है। वे ‘सुभद्रा कुमारी चौहान पुरस्कार’ (1997), ‘विजय वर्मा अखिल भारतीय कथा सम्मान’ (2003), ‘वनमाली कथा सम्मान’ (2014) तथा संस्कृति मन्त्रालय, भारत सरकार की सीनियर फेलोशिप (2020-21) से सम्मानित हैं।
Get this book
As an Amazon Associate, Kitabi earns from qualifying purchases.
This edition
On your shelf?
1 edition
More by Anand Harshul
All works →Readers also shelved
Rated 5.0 out of 5
Buddha, His Life and Teachings
Bhagwan Rajneesh
संविधान, संघ और डॉ. अम्बेडकर
Ram Puniyani
संविधान, संघ और डॉ. अम्बेडकर
Ram Puniyani
दिल्ली दयार
Gyan Chand Bagdi
दिल्ली दयार
Gyan Chand Bagdi
भूख का व्याकरण
Herta Muller
भूख का व्याकरण
Herta Muller
Imroz
Kunal Hriday
Imroz
Kunal Hriday
सामने आते ही नहीं
Ramchandra Guha
सामने आते ही नहीं
Ramchandra Guha
The facts
Keep the shelf in your pocket
Kitabi is a personal library app — track what you own, log what you read, and lend a book to a friend without losing it. Free, offline-first, no ads.