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प्रेम ध्रुपद

by Leeladhar Mandloi

Hindi 151 pages 1 edition

PREM DHRUPAD (Poems) by Leeladhar Mandloi About The Author लीलाधर मंडलोई जन्म : 15 अक्टूबर 1953, छिन्दवाड़ा के गाँव गुढ़ी में। प्रमुख कविता संग्रह घर-घर घूमा, रात-बिरात, मगर की आवाज, काल बांका तिरछा, एक बहोत कोमल तान, महज़ शरीर नहीं पहन रखा था उसने, लिखे में दुख, मनवा बेपरवाह, भीजै दास कबीर और जलावतन, और, क्या बने बात। कविता चयन : देखा-अदेखा, 75 कविताएँ, कवि ने कहा और हत्यारे उतर चुके हैं क्षीरसागर में। उपस्थित है समुद्र (हिन्दी व रूसी भाषा में)। अँग्रेज़ी, रूसी, बांग्ला, नेपाली, ओड़िया, मराठी, उर्दू, गुजराती और पंजाबी में कविताओं के अनुवाद प्रकाशित । डायरी : दाना पानी, दिनन-दिनन के फेर, राग सतपुड़ा कविता डायरी-यादें, बसन्त की ख़ुशबुएँ हैं और ईश्वर कहीं नहीं। आलोचना कविता का तिर्यक। यात्रा-वृत्तान्त : काला पानी। निबन्ध : अर्थ जल और कवि का गद्य। अन्य : बच्चों के लिए तीन कथा-संग्रह। अनुवाद की तीन किताबें। दस सम्पादित किताबें। प्रमुख सम्मान : कबीर, पुश्किन, रजा, नागार्जुन, शमशेर, किशोरी अमोनकर, रामविलास शर्मा, वागीश्वरी, कृति, प्रमोद वर्मा, विष्णु खरे व साहित्यकार सम्मान। ‘नया ज्ञानोदय’ और वर्तमान में ‘विश्वरंग’ पत्रिका का सम्पादन।

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This edition

Publisher Setu Prakashan
ISBN9789362012173
Pages151
FormatPaperback

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1 edition

Setu Prakashan Cover of प्रेम ध्रुपद, Setu Prakashan edition
Setu Prakashan
Hindi · Paperback
—ISBN 9789362012173
151pages

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Titleप्रेम ध्रुपद
LanguageHindi
Editions1
PublishersSetu Prakashan

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