मुझे ही होना है बार-बार
by Jaya Jadwani
Hindi 1 edition
"जया जादवानी के कहानी-संग्रह ‘मुझे ही होना है बार-बार’ की कहानियों को नारी-केन्द्रित कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। दरअसल इन कहानियों में लेखिका ने अपने समय, समाज, संस्कृति में नारी की भूमिका को जाँचने की कोशिश की है। इस कोशिश में विराट मनुष्य जीवन की परख भी उन्होंने की है और कहीं भी उसकी समस्याओं, उसके संघर्षों को ओझल नहीं किया है। कई धरातलों पर मनुष्य के निजी और अन्तरंग अनुभव इनमें व्यक्त हुए हैं। यह अनुभव जीवन-यथार्थ के ही महत्त्वपूर्ण हिस्से हैं। इनसे कतराना सच से पलायन करना है या कहें यथार्थ के एक अहम पक्ष को अनदेखा करना है। इन कहानियों में यथार्थ वर्णन कल्पना से अधिक आकर्षक है। 'शाम की धूप' जो कि अपेक्षाकृत लम्बी कहानी है, स्वयं में औपन्यासिक कैनवॅस लिए है। शेष कहानियाँ आकारपरक लघुता या सामान्यता के बावजूद अपने कथ्य को पूरी तरह से कहने में सफल हुई हैं। वास्तविक घटनाएँ और आसपास के पात्र हैं। उनका आचरण और कार्य-व्यापार तक जाने-पहचाने हैं लेकिन इसमें अक्सर अजाने रह जाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। और उन्हें पहचानते हुए हमें लगता है यह सब वास्तविक जीवन में ही सम्भव है। इन कहानियों में मनुष्य-मन की जटिल गुत्थियों को खोलने का उपक्रम करते हुए कहीं भी कहानियों में उलझाव नहीं आता बल्कि अनावश्यक कल्पनालोक में जाये बिना कहानियाँ अपने तात्पर्य को अभिव्यक्त कर लेती हैं। यहाँ सपनों और फंतासियों का भी उपयोग किया है। प्रत्यक्ष भाषा में संयोजित नाटकीय संवाद ‘मुझे ही होना है बार-बार’ की कहानियों की विशेषता है। " Categories: Vani Prakashan, Collection of Stories Mujhe Hi Hona Hai Bar-Bar is available from Vani Prakashan. Explore this book and discover more titles from the Vani Prakashan collection.
Get this book
As an Amazon Associate, Kitabi earns from qualifying purchases.
This edition
On your shelf?
1 edition
Readers also shelved
Rated 5.0 out of 5
Buddha, His Life and Teachings
Bhagwan Rajneesh
संविधान, संघ और डॉ. अम्बेडकर
Ram Puniyani
संविधान, संघ और डॉ. अम्बेडकर
Ram Puniyani
दिल्ली दयार
Gyan Chand Bagdi
दिल्ली दयार
Gyan Chand Bagdi
भूख का व्याकरण
Herta Muller
भूख का व्याकरण
Herta Muller
Imroz
Kunal Hriday
Imroz
Kunal Hriday
सामने आते ही नहीं
Ramchandra Guha
सामने आते ही नहीं
Ramchandra Guha
The facts
Keep the shelf in your pocket
Kitabi is a personal library app — track what you own, log what you read, and lend a book to a friend without losing it. Free, offline-first, no ads.