KitabiBeyond the Bookshelf Get the app
×
Front cover of हुंकारो
Front cover

हुंकारो

by Chirag Khandelwal, Arvind Singh Charan

Hindi 1 edition

हुंकारो की प्रस्तुति कोविड-19 की दूसरी लहर के तुरन्त बाद तैयार की गयी थी। हम सभी के भीतर एक तत्काल आह्वान था कि हम मंच पर आयें और कुछ ऐसा बनायें जो दुनिया ने सहा है उसका प्रतिबिम्ब हो। इसका विचार एक साधारण लेकिन परेशान करने वाली वास्तविकता से उत्पन्न हुआ कि लॉकडाउन ने ना केवल लोगों का ध्यान देने की क्षमता को कम कर दिया है बल्कि सुनने की क्षमता और आवश्यकता को भी कम किया है। 'हुंकारो' का अर्थ है मौखिक पुष्टि, श्रोता की वह प्रतिक्रिया जो यह दर्शाती है कि वह कहानी सुन रहा है, समझ रहा है और कहानी के साथ यात्रा कर रहा है। लॉकडाउन के बाद, दृश्यों और शोर का उपभोग करने की एक अतृप्त भूख है जो सुनने के लिए बहुत कम या कोई जगह नहीं छोड़ती है। और अगर सुनने की क्षमता नहीं है, तो हुंकारो अस्तित्व में नहीं हो सकता। लेकिन क्या हम सुनने के लिए तैयार हैं? कहा जाता है कि सुनना एक कला है, तो क्या अन्य कला रूपों की तरह यह भी अपनी सुन्दरता और आवश्यकता खो रहा है? लेकिन दुनिया आशा पर जीवित रहती है और वास्तव में, आशा ही इस रचना को बाँधने वाला धागा है। इन्हीं विचारों के साथ हुंकारो का जन्म हुआ। लेखन की दृष्टि से देखें तो, दोनों ही कहानियाँ एक नये व्याकरण और वाक्य-विन्यास तक पहुँचने की कोशिश करती हैं और एक हद तक उसमें सफल भी हुई हैं। आशा है, उनका ये प्रयास पाठकों तक भी सफलतापूर्वक पहुँचेगा। -मोहित टाकलकर Categories: Vani Prakashan, Play, New Arrivals Hunkaro is available from Vani Prakashan. Explore this book and discover more titles from the Vani Prakashan collection.

Get this book

Buy on Amazon.in

As an Amazon Associate, Kitabi earns from qualifying purchases.

This edition

Publisher Vani Prakashan
ISBN9789369447374

On your shelf?

Track it, log your reading, and lend it to a friend — without losing it. Open in Kitabi

1 edition

Vani Prakashan Cover of हुंकारो, Vani Prakashan edition
—ISBN 9789369447374
—pages

Readers also shelved

The facts

Titleहुंकारो
LanguageHindi
Editions1
PublishersVani Prakashan

Keep the shelf in your pocket

Kitabi is a personal library app — track what you own, log what you read, and lend a book to a friend without losing it. Free, offline-first, no ads.