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एक दरवाज़ा अभी-अभी खुला गली में

by Emily Dickinson

Translated by Mani Mohan

Hindi 180 pages 1 edition

EK DARWAZA ABHI-ABHI KHULA GALI MEIN (Poems) by Emily Dickinson About the Author एमिली डिकिन्सन (1830-1886) एक प्रसिद्ध अमेरिकी कवयित्री थीं, जिनका जन्म मैसाचुसेट्स के एमहर्स्ट में एक सम्मानित परिवार में हुआ था। उनका जीवन मुख्य रूप से एकान्तवास में बीता, और उन्होंने अपने पुश्तैनी घर, जिसे अब एमिली डिकिन्सन संग्रहालय के रूप में जाना जाता है, में अधिकांश समय व्यतीत किया। डिकिन्सन ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा एमहर्स्ट अकादमी में प्राप्त की और बाद में माउण्ट होलियो के फीमेल सेमिनरी में पढ़ाई की, लेकिन स्वास्थ्य-कारणों और सामाजिक दबावों से वे जल्द ही घर लौट आयीं। वे सामाजिक जीवन से दूर रहीं और केवल कुछ करीबी मित्रों तथा परिवार के सदस्यों, जैसे अपनी बहन और भाभी, के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध बनाये रखा। डिकिन्सन की कविताएँ अपनी अनूठी शैली, नवीन प्रयोगों और दार्शनिक गहराई के लिए विश्वविख्यात हैं। उन्होंने लगभग 1800 कविताएँ लिखीं लेकिन सम्पादकों और प्रकाशकों की उपेक्षा के चलते उनके जीवनकाल में उनकी बहुत कम कविताएँ ही प्रकाशित हो सकीं। उनकी मृत्यु के बाद, उनकी बहन लाविनिया ने उनकी कविताएँ खोज कर उन्हें प्रकाशित करवाया। इन कविताओं के प्रमुख विषय हैं प्रकृति की सुन्दरता और रहस्य, मृत्यु, अमरता, प्रेम, एकाकीपन तथा मानव मन की जटिलताएँ। विशेष रूप से, मृत्यु पर उनकी लगभग पाँच सौ से अधिक कविताएँ हैं। उनकी शैली में संक्षिप्त पंक्तियाँ, विराम चिह्नों का असामान्य प्रयोग आदि देखने को मिलता है जो उनकी कविताओं को रहस्यमय और आधुनिक बनाता है। उनकी कविताएँ वैयक्तिक, अन्तर्मुखी और आध्यात्मिक हैं, जो 19वीं सदी की अमेरिकी कविता में क्रान्तिकारी योगदान देती हैं। आज भी एमिली डिकिन्सन की रचनाएँ आधुनिक कविता, नारीवाद और अस्तित्ववाद को गहराई से प्रभावित करती हैं। वे 19वीं सदी की सबसे मौलिक और प्रभावशाली कवयित्रियों में से एक मानी जाती हैं। मणि मोहन जन्म : 02 मई 1967, सिरोंज (विदिशा) म.प्र. । शिक्षा : अँग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर और शोध उपाधि। प्रकाशन : देश की महत्त्वपूर्ण साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ तथा अनुवाद प्रकाशित। छह कविता संकलन प्रकाशित। रोमेनियन कवि मारिन सोरेसक्यू की कविताओं के अनुवाद की पुस्तक ‘एक सीढ़ी आकाश के लिए’, तुर्की कवयित्री मुइसेर येनिया की कविताओं के अनुवाद की पुस्तक ‘ अपनी देह और इस संसार के बीच’ तथा तुर्की कवि मेटिन जेन्गिज का अनूदित कविता संकलन ‘हर तरफ युद्ध की दुर्गन्ध है’ प्रकाशित। प्रतिनिधि कविताओं का उर्दू, मराठी और पंजाबी में अनुवाद। पंजाबी में ‘एक अनगढ़ सा सपना’ और मराठी में ‘कदाचित’ शीर्षक से प्रतिनिधि कविताओं की अनुवाद पुस्तक प्रकाशित। इसके अतिरिक्त कुछ कविताएँ उर्दू, ओड़िया, नेपाली, गुजराती, असमिया, अँग्रेजी और तुर्की में अनूदित । वर्ष 2013 में कविता संग्रह ‘शायद’ पर म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा वागीश्वरी सम्मान तथा कविता संग्रह ‘भेड़ियों ने कहा शुभरात्रि’ को वर्ष 2021 का स्पन्दन कृति सम्मान। सम्प्रति : शा. महाविद्यालय, गुलाबगंज (विदिशा) मध्य प्रदेश में अध्यापन। सम्पर्क : 185/2, विजयनगर, सेक्टर-बी, गंज बासौदा (विदिशा) म.प्र. 464221

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This edition

Publisher Setu Prakashan
ISBN9789362018038
Pages180
FormatPaperback

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1 edition

Setu Prakashan Cover of एक दरवाज़ा अभी-अभी खुला गली में, Setu Prakashan edition
Setu Prakashan
Hindi · Paperback
—ISBN 9789362018038
180pages

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Titleएक दरवाज़ा अभी-अभी खुला गली में
TranslatorsMani Mohan
LanguageHindi
Editions1
PublishersSetu Prakashan

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